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Thursday, March 11, 2010

मेरे देश की फिजा


मेरे देश की फिजा बदली बदली सी है आज कल

लगता है ये भी पश्चिम से हो कर के आई है

हमारे साधू महात्मा , इंसान भी नहीं रहे ,

भगवान दिखने वाली आँखों में … वासना छाई है !!

हम कितने भोले है किसी को भी भगवान बना देते है ,

आडम्बर और पाखंड की ये हमने कोनसी दुनिया बसाई है ?

लगता है हवा पश्चिम से हो कर के आई है !!

महिलाओ को आरक्षण दिलाने की होड़ में सारे पुरुष लग गए ॥

अकेली महिला फिर भी पुरुषो की हवस से कहा बच पायी है !!

सर पे पल्लू ढकने वाली भारतीय महिला के तन ढकने को पूरे कपडे नहीं है ,

शर्म हया आँखों से गायब है .. ये संस्कृति हमने कहा से अपनाई है ?

लगता है हवा भी पश्चिम से हो कर के आई है !!

दूध की नदियाँ बहाने वाले भारतवासियों के तन में अब नकली है खून भी .

पिज्जा बर्गर खाने वाले मस्त है ..दो वक़्त रोटी खाने वालो के लिए कमर तोड़ महंगाई है

सोने की चिड़िया तो उड़ गयी कब से ही.... इस आधुनिकता ने तो भारत माँ की रातो की नींद भी उड़ाई है ॥

मेरे देश की फिजा बदली बदली सी है आज कल

लगता है ये भी पश्चिम से हो कर के आई है॥

Wednesday, March 10, 2010

दोस्ती....


this poem is 4 my best of best frnd,,he always tries to make me smile,,
actually not smile bt laugh,,
he is really awesome॥i love him as a frnd ....
एक चेहरा था अनजाना सा,अजनबी सा,बेगाना सा,,,
नाम तक भी उसका मालूम न था,पर था वो कोई दीवाना सा
इत्तेफाक से एक दिन मुलाकात हुई और हम दोस्त बन गए
साथ वक़्त बिताया और एक-दूजे को समझने लग गए
मेरा गम भुलाने में उसी ने मेरा साथ दिया
इतना हसाया अपनी बातों से की मुझे रोना भुला दिया
मेरे होंठो की हंसी,आँखों की चमक उसी की वजह से है
और दोस्ती पे मेरा विश्वास भी उसी की वजह से है
काश इस रिश्ते में कभी कोई दरार न आए
और है दुआ रब्ब से की वो जो चाहे जिंदगी में उससे बस वो मिल जाये॥

Sunday, March 7, 2010

happy womens's day (याद)


खुद की आँखों को नम रख के , उसने हमेशा हम को हँसना सिखाया
खुद गीले में सोती रही हमेशा.... हमे सूखे में सुलाया
खुद हमेशा लडखडाती रही जिन्दगी के हर कदम पे,
पर हमे हमेशा ....संभल के चलना सिखाया

वो भूखी रही हमेशा ....हमे खिलाने के लिए ,
ज़माने से लडती रही... हमे अपनी पहचान दिलाने के लिए
आँखों की रौशनी कम हो गयी थी उसकी,
फिर भी उसने हमेशा हमे सही रास्ता दिखाया

वो खुद किसी और के सहारे जिन्दा थी,
पर हमे ..अपने पैरो पे खड़ा होना सिखाया
अपना पूरा जीवन लगा के उसने ... हमारा ये अस्तित्व बनाया,
हम खुद कुछ कर सके ....हमे इस लायक बनाया
हम इतने नालायक हो गए.. इन सब की परवाह नहीं की,
वो हमे हर मिनट याद करती रही , हमने उसे हर दिन भुलाया

happy womens's day

Tuesday, March 2, 2010

नयी शुरुआत..

दिल में गर दर्द हो तो कागज़ पे बयां करूँ
नीरस सी इस ज़िन्दगी में कलम किस के नाम करूँ
वो गए तो सब वजह भी साथ ले गए
अब दुविधा में हूँ की कहा से नयी शुरुआत करूँ ॥

दर्द को भी अब दर्द होने लगा है हमे देख कर
आंसू भी सूख गए हैं.. आँखों में रो-रो कर
अब बस दुआ है की वो खुश रहे
सुकून से जी लेंगे हम उन्हें हँसता देख कर

कुछ लोग मिले ऐसे उनके जाने के बाद
हमे हँसता देखने चाहते हैं इतना रोने के बाद
सच है की प्यार क बाद कुछ दिखाई नहीं देता
पर दोस्त ही काम आते हैं उसके बिछड़ने के बाद

Saturday, February 20, 2010

आदत...

जब से दिल लगाया है हमने आपसे,सब कुछ सहने की आदत सी हो गयी है
इंतज़ार करते थे हम आपका देर तक और आप को न आने की आदत सी हो गयी है
कभी हर पल मुस्कुराते थे हम,अब तो रोने की आदत सी हो गयी है
सपनो में रोज़ देखा करते थे आपको अब तो रात-२ भर जागने की आदत सी हो गयी है
बहुत बोला करते थे हम कभी,अब तो चुप रहने की आदत सी हो गयी है
कभी एक हमसफ़र चाहते थे हम भी,अब तो तनहा गम सहने की आदत सी हो गयी है
अब तो चाहे छोड़ भी दो हमे,तुम बिन रहने की आदत सी हो गयी है
जिसे भी चाहा हमने वो छोड़ के चला गया,अब तो खोने की आदत सी हो गयी है
मालूम है की आप हमारी किस्मत में नहीं,बस अपनी किस्मत से लड़ने की आदत सी हो गयी है
अप जहाँ भी रहो खुश रहो,बस येही दुआ मांगने की आदत सी हो गयी है.......

Saturday, February 13, 2010

वलेंतिने डे.

ये दास्ताँ है एक लड़की और लड़के की जो आजसे चार साल पहले आज ही के दिन मिले और आज वो बिछड़ गए...

दो लोग मिले जो एक दूजे से बिलकुल अलग थे
सोच अलग,दिशा अलग,जीवन के प्रति विचार अलग थे
पर कुछ तो था उन दोनों में ऐसा जो वो करीब आने लगे
और सब कुछ भूल कर साथ वक़्त बिताने लगे
फिर प्यार हुआ ऐसा की सब हदे भुला दी
एक दुसरे में खोकर दुनिया भुला दी
नागवार गुजरा ये प्यार ज़माने को तो जुदा कर दिया उनको
सब सपने,अरमान जो आँखों में थे ख़ाक में मिला दिया उनको
पर जुदा होकर भी मोहब्बत जिंदा थी उनका दिल में
अब ज़माने से छुप-छुप कर लगे वो मिलने
कोई कसर ना छोड़ी दुनिया ने अलग करने की उनहे
पर प्यार हिम्मत देता था सामना करने की उन्हें
दुनिया से तो लड़ लिए पर खुदा ही साथ छोड़ दे तो क्या करे
जिसकी इबादत में झुकते थे सर वो ही दुश्मन बन जाये तो क्या करे
आखिर टूट गया सपनो का शीशमहल और राहें हो गयी जुदा
उनको तड़पता देख अब तो खुश होगा खुदा
मोहब्बत का ऐसा सिला मिला उन्हें की जीनामुश्किल हो गया
चन्द सालो की यादें जेहेन में इस कदर रम गयी की बाहर निकलना मुश्किल हो गया

असमंजस में हैं अब वो की ख़ुशी मनाये की इस दिन उन्हें ज़िन्दगी का सब से ज्यादा प्यार करने वाला इंसान मिला या फिर दुःख की आज ही क दिन वो प्यार बिछड़ गया



Monday, February 8, 2010

हैप्पी वेलेंटैने डे -- एक अजब प्रेम कहानी !!

वो दो दिल थे , जो शायद ऊपर वाले की मर्ज़ी से मिले थे
दोनों का मिलना एक दिन अचानक से नेट पे हो गयादोनों मे खूब बाते होने लगी , रोज वो मिलने लगे नेट पे
अपनी भावनाओ को एक दुसरे के दिल तक भेजते रहे शब्दों के माध्यम से
और एक दिन लड़के ने लड़की से कहा की तुम उसको अच्छी लगती हो , लड़की कुछ समझ नहीं पाई आज कल खून के रिश्ते साथ नहीं निभाते तो कोई अजनबी जिसे आज तक देखा भी नहीं हे वो क्या साथ निभाएगा ?

उसने कहा उस लड़के से की तुमने मुझे देखा नहीं है एक बार मुझे देखो फिर उसने अपनी फोटो मेल की ,
उस लड़की का चेहरा ख़राब था कुछ साल पहले एक एक्सिडेंट मे उसका चेहरा बिगड़ गया था ऊपर वाला अच्छे लोगो के साथ ही बुरा क्यों करता है आज तक समझ नहीं आया ?
उस लड़के को लगा की ये मजाक होगा कोई लड़की जिस का दिल इतना साफ़ हो वो इतना बुरा दिख ही नहीं सकती, उसे विश्वास नहीं हुआ उसपे ...
पर मिलना मुमकिन नहीं था दोनों के बीच मे बहुत दूरिय थी दोनों अलग अलग प्रान्त मे रहते थे
लेकिन पढाई के सिलसिले मे उसको एक दिन उस लड़के के प्रान्त मे आना पड़ा शायद ऊपर वाला उनदोनों को मिलाना चाहता थाएक बार !!
फिर एक दिन दोनों मिले लेकिन जो उस लड़की ने उसके बारे मे बताया था वो एक दम सच था
उस लड़के ने उसे जब उसे दूर से देखा उसे झटका लगा एक ख्याल आया मन में की मिले उससे अब, लेकिन फिर पता नहीं क्यों वो उससे मिला दोनों ने कुछ पल साथ बिताये एक दुसरे के बारे मे जाना !!
उस दिन से उनकी दोस्ती और भी गहरी हो गयी वो काफी समय अब फ़ोन पे बात करते
वो लड़का अब मन ही मन उसे चाहने लगा था
लेकिन वो जानता था की कुछ मुमकिन नहीं है क्युकी जात पात सम्प्रदाय प्रांतवाद और जाने कितने मुद्दे इस रिश्ते के बीच मे बाधा बनेंगे और उसके घर वाले और उसकी सोसाइटी वाले कभी भी ऐसी लड़की को अपने घर की बहु बनाना पसंद नहीं करेंगे !
और ही उस लड़की के घर वाले कभी किसी अजनबी पे इतना भरोसा करेंगे दोनों ही इस बात को अच्छे से जानते थे लेकिन दिल कहा किसी की सुनता है ?
वेलेंटैने डे की रात उस लड़के ने उसे फ़ोन किया और उसको अपने दिल की बात बताई
उसने कहा मे जानता हूँ में तुम्हरे लायक नहीं हूँ , मे तुम्हे ज़माने की सभी खुशियाँ नहीं दे सकता , हमारा इस जन्म मे मिलना मुमकिन नहीं हैलेकिन फिर भी में तुम को आज कह रहा हूँ आई लव यू
इस जनम में तुम अपने मम्मी पापा का अपना सपना पूरा करो , कुछ बन के दिखाओ लोगो को
लेकिन अगले जनम में और उसके बाद सात जन्मो के लिए तुम मेरी हो
में तुम्हारा इंतज़ार करूँगा हर जनम मैं
दोनों की दिल की धड़कने बढ़ गयी थीऔर दोनों के आँखों से आँसू बह रहे थे अब कोई कुछ नहीं कह रहा था सब शांत थे बस आँखों से आँसू बह रहे थेगम के या ख़ुशी के कोई नहीं जानता था !! पर एक अजब सा सुकून था दोनों के मन में !!
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