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Saturday, August 6, 2011

दोस्त हैप्पी फ्रेंडशिप डे

कभी हँसाता है, कभी रुलाता है ,
ये, वो रिश्ता है, जो जीना सिखाता है ||
कच्चे धागे में, अनमोल मोती सा ...
चाहे मीलों दूर ही सही, पर आँखों कि ज्योति सा ...
कभी सच्चा सा , कभी झूठा सा ...
कभी हमें मनाता, मिन्नतें कर के, कभी हमसे ही रूठा सा ...

मेरे अधूरे सपने वो अपनी पलकों पे सजाता है ...
अक्सर मेरी परछाई में, वो अपना अक्स दिखाता है,
ये वो रिश्ता है, जो जीना सिखाता है ||

कभी आभास सा , कभी अहसास सा
टेड़ा मेडा जलेबी कि तरह, पर शहद कि मिठास सा
उडती पतंग कि डोर सा , सुरीले संगीत के शौर सा ..

मेरे रुके कदम को वो अपने होसलों से चलाता है
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारें जिसकी तलाश में हम घूमें ..
वो खुद, दोस्त बन के हमारी जिन्दगी में आता है
ये रिश्ता जीना सिखाता है

6 comments:

vandana gupta said...

्वाह आनन्द आ गया।
आपको मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये

संजय भास्‍कर said...

सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आभार.

संजय भास्‍कर said...

मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये

Anonymous said...

"मंदिर मस्जिद गुरुद्वारें जिसकी तलाश में हम घूमें
वो खुद, दोस्त बन के हमारी जिन्दगी में आता है
ये रिश्ता जीना सिखाता है"

बहुत सुंदर - बधाई और शुभकामनाएं

shweta said...

very nice...... happy friendship day

आहुति said...

दोस्ती कि खुबसूरत अभिवयक्ति.....

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