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Monday, June 29, 2009

दिल का अफसाना

कभी हमे अपना बनाकर तो देखो ..
दिल में कभी अपने छुपा कर तो देखो .
कभी न तोडेंगे तेरा एतबार ये हम ..
हम पर भरोसा तुम कर के तो देखो .
उमर भर न छोडेंगे ये दमन तुम्हारा ॥


बस एक बार साथ निभा कर तो देखो .
हर पल रहेंगे बन कर तेरे साये ..
इन बाहों में तुम समां कर तो देखो ।
तेरी हर तमन्ना हम सवारेन्गे हमदम ..
अरमान तुम अपने कह कर तो देखो ।!!

रखेंगे न कोई ख्वाइश तेरी बाकी ..
हम से कभी तुम कह कर तो देखो .
छुपा कर रखेंगे तुम्हे निगाहों में अपनी ॥
नजरो से हमारी तुम गुजर कर तो देखो .
पलकों पे अपनी बिठाएंगे तुमको ॥
बस इस रहगुजर से गुजर कर तो देखो ।


शिकवा न होगा कभी हमे तुमसे ..
चाहे हर खता तुम कर के तो देखो .
दगा न करेंगे हम कसम से तुमसे ..
अपनी चाहत हमे दे कर तो देखो ॥

कभी भूलेंगे हम तुम्हे ये मुमकिन नही ..
यादों में पल भर तुम आ कर तो देखो .
रूकती हैं साँसे तुम्हारे बिना अब ..
जरा इस दिल में धड़क कर तो देखो!!

जी न सकेंगे तुम्हारे बिना हम ..
हमसे जुदा तुम हो कर तो देखो ।
तोडेंगे ख़ुद को ख़ुद साँसों से अपनी ॥
बस हमसे दूर ..तुम जा कर तो देखो ॥


3 comments:

प्रकाश गोविन्द said...

कृपया इसको हिंदी में लिख दें !

कहिये तो मैं कुछ हेल्प करूँ ?


आज की आवाज

ओम आर्य said...

बहुत ही सुन्दर भाव है आपके और आपकी रचनाये ..................आपकी रचनाये बहुत ही मजे हुये है .............अतिसुन्दर

प्रकाश गोविन्द said...

रूकती हैं साँसे तुम्हारे बिना अब ..
जरा इस दिल में धड़क कर तो देखो!!


वाह -वाह
क्या बात है
बहुत पसंद आयी आपकी रचना

ख्वाब, वादे, स्पर्श....अस्तित्व ...गहरी सोच और खूबसूरत एहसास से भरी गजल

शुभकामनाओं के साथ बधाई !

आज की आवाज

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