Followers

Wednesday, August 26, 2009

इंतज़ार.....

आज दिल उदास है,आज मन बेचैन है
तुम्हारे दीदार को तरसे ये नैन हैं
इक पल की जुदाई भी अब सही न जाए
आँखे बंद की तो ख्वाब बन कर तुम आए
खुली आँखों में भी चेहरा बस तुम्हारा है
इस कदर तुमसे दूर रहना हमे न अब गंवारा है
कसम है तुम्हे प्यार की इक बार दरस दिखा दो
मझदार में जो कश्ती है उससे साहिल पर लगा दो
इंतज़ार में तुम्हारे गुजरें दिन रैन है
आज दिल उदास है,आज मन बेचैन है.....

4 comments:

शुभम जैन said...

nice lines...

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

अच्छी प्रस्तुति....बहुत बहुत बधाई...
मैनें अपने सभी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग "मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी"में पिरो दिया है।
आप का स्वागत है...

karuna said...

क्यों दिल उदास है कौन आसपास है
मन की आखों से देख उसे ,जिसकी तूझे प्यास है |
मत हो उदास मत हो यूं बैचेन
एक बार पुकार ले उसे ,आ जाएगा चैन ,|
अच्छी रचना है शुभ कामनाएं |

चाहत said...

बहुत अच्छा है

Related Posts with Thumbnails